कौन सी माला से मंत्र जाप करे | Which Mantra Jaap Mala To Use

हज़ारों सालों से, मंत्र जप का अभ्यास विभिन्न संस्कृतियों में शांति, ध्यान और आत्म-विकास के रास्ते पर चलने वालों का एक प्रधान अंग रहा है।

मंत्र जप के साथ अक्सर जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण उपकरण है – माला। ये जप माला मोतियों की मालाएँ होती हैं जिनका उपयोग मंत्रों की गिनती रखने और ध्यान केंद्रित करने में सहायता के लिए किया जाता है।

यह लेख माला के इतिहास और आपको यह चुनने में मार्गदर्शन करेगा की आप को कौन से मंत्र माला जाप Mantra Jaap Mala use करनी चाहिए और जप के दौरान अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए माला का उपयोग कैसे करे।

माला का इतिहास | Mantra Jaap Mala


माला का इतिहास प्राचीन काल तक जाता है। पुरातात्विक साक्ष्य बताते हैं कि मोतियों से बनी मालाएँ कम से कम 3000 ईसा पूर्व से भारत में इस्तेमाल की जा रही थीं। ये प्रारंभिक मालाएँ शायद जंगली जामुन, हड्डी या लकड़ी के मोतियों से बनी थीं।

समय के साथ, माला का उपयोग विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों में फैल गया, जिनमें हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म शामिल हैं। प्रत्येक संस्कृति में, माला का अपना विशिष्ट महत्व और प्रतीकवाद विकसित हुआ है।

हिंदू धर्म में:

  • हिंदू धर्म में, माला को जप की गिनती रखने और मन को भटकने से रोकने के लिए एक उपकरण के रूप में देखा जाता है।
  • मोतियों की संख्या आमतौर पर 108 होती है, जो ब्रह्मांड के 108 पवित्र ग्रंथों या चक्रों की संख्या का प्रतिनिधित्व करती है।
  • माला बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न सामग्रियों का भी अपना प्रतीक अर्थ होता है। उदाहरण के लिए, तुलसी की माला (तुलसी की लकड़ी से बनी) को पवित्र माना जाता है और भगवान विष्णु से जुड़ी होती है, जबकि रुद्राक्ष की माला (रुद्राक्ष के बीजों से बनी) भगवान शिव से जुड़ी होती है।

बौद्ध धर्म में:

  • बौद्ध धर्म में, माला को “माला” के रूप में जाना जाता है।
  • इसका उपयोग जप की गिनती रखने और ध्यान के दौरान एकाग्रता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  • बौद्ध माला में आम तौर पर 108 मोती होते हैं, लेकिन 108 का गुणज (गुना) जैसे 216 मोतियों वाली माला का भी उपयोग किया जाता है।
  • बौद्ध माला अक्सर अर्ध-चांद के आकार में बनी होती है, जो बुद्धत्व को प्राप्त करने के मार्ग का प्रतिनिधित्व करती है।

अपने लिए सही माला कैसे चुने


माला विभिन्न प्रकार की सामग्रियों, आकारों और रंगों में उपलब्ध हैं। आपके अभ्यास के लिए सही माला चुनना आपकी व्यक्तिगत पसंद और इरादे पर निर्भर करता है। यहां कुछ कारक ध्यान देने योग्य हैं:

  • सामग्री (Samgri): माला बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ लोकप्रिय सामग्रियों में शामिल हैं:
    • लकड़ी (Lakdi): लकड़ी की मालाएं टिकाऊ और अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं। वे विभिन्न प्रकार की लकड़ियों से बनाई जा सकती हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना विशिष्ट ऊर्जा क्षेत्र होता है।
    • बीज (Beej): रुद्राक्ष, तुलसी, कमल के बीज आदि विभिन्न बीजों से बनी मालाएं आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर मानी जाती हैं।
    • मणि (Mani): अर्द्ध-कीमती पत्थरों जैसे जेड, गुलाबी क्वार्ट्ज (Rose quartz), और Amethyst “नीलम” ( Neelam) से बनी मालाएं अपने विशिष्ट गुणों के लिए जानी जाती हैं। उदाहरण के लिए, गुलाबी क्वार्ट्ज प्रेम और करुणा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है, जबकि Amethyst को ध्यान को गहरा करने और अंतर्ज्ञान को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
    • धातु (Dhatu): धातु की मालाएं, जैसे चांदी या पीतल से बनी मालाएं, ऊर्जा प्रवाह को बढ़ाने के लिए मानी जाती हैं।
  • आकार (Aakaar): अधिकांश मालाओं में 108 मोती होते हैं। हालांकि, 54 या 27 मोतियों वाली मालाएं भी पाई जाती हैं। अपनी पसंद के अनुसार और जप की लंबाई के आधार पर माला का चुनाव करें।
  • रंग (Rang): माला का रंग आपके इरादे को दर्शा सकता है। उदाहरण के लिए, लाल माला आमतौर पर शक्ति और जुनून से जुड़ी होती है, जबकि सफेद माला शांति और शुद्धता का प्रतिनिधित्व करती है।
  • आराम (Aaram): सुनिश्चित करें कि आपकी चुनी हुई माला आरामदायक हो और आपकी उंगलियों से आसानी से गुजरती हो। माला का वजन भी महत्वपूर्ण है। बहुत भारी माला आपके हाथों को थका सकती है।

जप के दौरान ध्यान केंद्रित करने के लिए माला का उपयोग कैसे करे


माला का उपयोग न केवल जप की गिनती रखने के लिए किया जाता है, बल्कि यह आपके ध्यान को केंद्रित करने और गहरा करने में भी आपकी सहायता कर सकता है। यहां बताया गया है कि जप के दौरान माला का उपयोग कैसे किया जाए:

  1. शांत और आरामदायक स्थान खोजें : शांत और आरामदायक जगह खोजें जहां आप विचलित न हों। आप बैठने के लिए आसन का उपयोग कर सकते हैं, जैसे सुखासन (आसान बैठने की स्थिति) या पद्मासन (कमल की स्थिति)। अपनी पीठ को सीधी रखें और अपनी आंखें धीरे से बंद करें।
  2. अपना मंत्र चुनें : अपने जप के लिए उपयुक्त मंत्र चुनें। आप किसी गुरु या योग शिक्षक से मार्गदर्शन ले सकते हैं।
  3. माला पकड़ें : अपनी चुनी हुई माला को अपने दाहिने हाथ में पकड़ें। माला के गुरु मनका (गुरु मनका – the largest bead in a mala) को अपनी हथेली से दूर रखें।
  4. जप शुरू करें : अपना चुना हुआ मंत्र धीरे-धीरे और स्पष्ट रूप से जपें। प्रत्येक जप के साथ, अपने अंगूठे और मध्यमा उंगली के बीच एक मनका को धीरे से आगे बढ़ाएं। गुरु मनका तक पहुंचने पर, मोतियों को पलटें और विपरीत दिशा में जप करना जारी रखें।
  5. अपने मन को भटकने से रोकें : यदि आपका मन भटकता है, तो धीरे से अपने ध्यान को जप और माला के मोतियों के स्पर्श पर वापस लाएं। माला का स्पर्श एक मूर्त (Moort – tangible) अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है, जो आपको अपने जप पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
  6. अभ्यास निरंतर रखें : नियमित अभ्यास माला के लाभों को प्राप्त करने की कुंजी है। दिन में कुछ मिनटों से शुरू करें और धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएं। जप करते समय धैर्य रखें और आनंद लें। जप को किसी बोझ के रूप में न देखें, बल्कि इसे आत्म-देखभाल और आंतरिक शांति लाने के लिए एक उपकरण के रूप में अपनाएं।

माला की देखभाल


अपनी माला की देखभाल करना महत्वपूर्ण है ताकि यह टिकाऊ रहे और इसकी ऊर्जा बनी रहे। यहां बताया गया है कि अपनी माला की देखभाल कैसे करें:

  • नियमित रूप से साफ करें : अपनी माला को नियमित रूप से गुनगुने पानी और हल्के साबुन से साफ करें। इसे धूप में सुखाएं, लेकिन सीधी धूप से बचें।
  • जब उपयोग में न हो तो उसे सम्मानपूर्वक स्टोर करें : जब आप अपनी माला का उपयोग नहीं कर रहे हों, तो उसे एक साफ कपड़े की थैली में या एक छोटे से बक्से में सम्मानपूर्वक स्टोर करें।
  • अपनी माला को चार्ज करें : आप अपनी माला को प्राकृतिक तत्वों, जैसे चंद्रमा की रोशनी या धूप से चार्ज कर सकते हैं। ऐसा करने से माना जाता है कि माला की ऊर्जा का शुद्धिकरण और पुनःपूर्जन होता है।

मंत्र जप और माला के अतिरिक्त लाभ


मंत्र जप और माला के उपयोग के कई लाभों के बारे में तो हमने जाना, लेकिन इनका प्रभाव सिर्फ इतना ही सीमित नहीं है। आइए देखें जप और माला के कुछ अन्य संभावित लाभों को:

  • आत्मविश्वास बढ़ाना : नियमित जप और माला का उपयोग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद कर सकता है। जप के दोहराव से सकारात्मक पुष्टि (affirmations) का प्रभाव पैदा होता है, जो आपके आत्म-मूल्य की भावना को मजबूत करता है।
  • रचनात्मकता को प्रेरित करना : जप का ध्यान केंद्रित करने वाला प्रभाव आपकी रचनात्मकता को भी बढ़ा सकता है। शांत मन विचारों के प्रवाह के लिए उपजाऊ जमीन बन जाता है, जिससे नई और अभिनव (abhinav – innovative) विचारों को जन्म मिल सकता है।
  • अंतर्ज्ञान को जगाना : कुछ का मानना है कि जप और माला का उपयोग आपके अंतर्ज्ञान को जगाने में मदद कर सकता है। ध्यान की गहरी अवस्थाओं तक पहुंचने से आप सूक्ष्म संकेतों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और अंतर्ज्ञान से प्राप्त होने वाले मार्गदर्शन को ग्रहण कर सकते हैं।
  • आसपास के वातावरण को शुद्ध करना : कुछ संस्कृतियों में यह माना जाता है कि जप और माला का उपयोग आसपास के वातावरण की ऊर्जा को शुद्ध करने में मदद कर सकता है। जप के दौरान उत्पन्न होने वाले कंपन नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में सहायक हो सकते हैं।

मंत्र जप के लिए मंत्रों का चयन कैसे करे


अब तक हमने मंत्र जप के बारे में बहुत कुछ सीखा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि जप के लिए कौन सा मंत्र चुनें?

मंत्रों का चयन एक व्यक्तिगत अनुभव है। आप जिस चीज को प्राप्त करना चाहते हैं उसके आधार पर आप मंत्र चुन सकते हैं। यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

  • शांति के लिए : “ॐ शांति” (Om Shanti) या “ॐ नमः शिवाय” (Om Namah Shivaya) जैसे मंत्र शांति और शांति लाने के लिए जाने जाते हैं।
  • प्रेम के लिए : “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” (Om Namo Bhagavate Vasudevaya) या “ॐ आं ह्रीं श्रीं लक्ष्मीमी नमोः” (Om Aan Hreem Shrim Laxmiye Namah) जैसे मंत्र प्रेम और करुणा को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं।
  • क्षमा के लिए : “क्षमापयति मे हरिः” (Kshamapayati Me Harih) या “ॐ अपोहि त्राहि मामृतात्वाय” (Om Apohi Trahi Mamritatvay) जैसे मंत्र क्षमा और दया को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं।

जाप और माला के अभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करना


आप अपने दैनिक जीवन में जप और माला के अभ्यास को आसानी से शामिल कर सकते हैं। यहां बताया गया है कि कैसे:

  • सुबह का जाप : सुबह जल्दी उठें और शांत वातावरण में कुछ मिनटों के लिए जप करें। यह आपको दिन की शुरुआत शांत और केंद्रित दिमाग के साथ करने में मदद करेगा।
  • शाम का जाप : दिन की व्यस्तता के बाद शाम को जप करने के लिए कुछ समय निकालें। यह आपको तनाव कम करने और रात की अच्छी नींद लेने में मदद करेगा।
  • भोजन से पहले जाप : भोजन करने से पहले कुछ मंत्रों का जप करने से पाचन में सुधार हो सकता है और आप अधिक उपस्थित होकर भोजन का आनंद ले सकते हैं।
  • यात्रा के दौरान जाप : यात्रा के दौरान जप करना तनाव को कम करने और आपको शांत रखने का एक शानदार तरीका हो सकता है। आप यात्रा करते समय अपनी माला को अपने साथ ले जा सकते हैं।

निष्कर्ष


माला जप के अभ्यास में एक सरल लेकिन शक्तिशाली उपकरण है। यह न केवल जप की गिनती रखने में मदद करता है, बल्कि यह आपके ध्यान को केंद्रित करने और गहरा करने में भी आपकी सहायता कर सकता है।

अपने अभ्यास के लिए सही माला चुनना और उसकी देखभाल करना महत्वपूर्ण है। नियमित जप और माला के उपयोग से, आप अपने जीवन में अधिक शांति, स्पष्टता और आंतरिक शक्ति ला सकते हैं।

तो आज ही माला उठाएं और जप की शुरू करें! जप करते समय शांति का अनुभव करें और अपने भीतर की शक्ति को जगाएं।