गायत्री मंत्र | Gayatri Mantra

Gayatri Mantra Lyrics सबसे प्राचीन वैदिक मंत्रों में से एक है। यह मंत्र हर सफलता के लिए सिद्ध माना जाता है।

गायत्री मंत्र सबसे प्राचीन मंत्रों में से एक है। ऋगवेद, सबसे प्राचीन ग्रंथ, इसका भी उल्लेख करता है। यह मंत्र हर सफलता के लिए सिद्ध माना जाता है। गायत्री मंत्र का पाठ करने से साधक को आध्यात्मिक और मानसिक शांति मिलती है।

हिन्दू धर्म में Gayatri Mantra एक महत्वपूर्ण मंत्र है जो वेद में प्रतिष्ठित है। कहा जाता है कि शुद्ध और सही तरीके से इस मंत्र का पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है।

साथ ही रोग, दोष, शत्रुता और जीवन में आने वाले अवरोधों से छुटकारा मिलता है।

Table of Contents

गायत्री मंत्र | Gayatri Mantra In Sanskrit


ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।।


Anuradha Paudwal Gayatri Mantra Lyrics 


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गायत्री मंत्र का हिंदी अर्थ


गायत्री मंत्र का हिंदी अर्थ – “हम अंतःकरण में सर्वरक्षक प्राणों से प्यारे, दुःखनाशक, सुखनाशक, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक परमात्मा को धारण करें। परमेश्वर हमारी बुद्धि को सही रास्ते पर ले जाएगा।”

गायत्री मंत्र के फायदे


  • गायत्री मंत्र का जाप मन को शांत करने और ध्यान में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।
  • यह भावनाओं को शांत करता है।
  • गायत्री मंत्र का जाप व्यक्ति की बुद्धि को सही करने में मदद करता है।
  • इस मंत्र का ध्यान और जाप करने से शक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास मिलते हैं।
  • नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप शारीरिक और मानसिक रोगों से बचाता है।
  • इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति बिजनेस, करियर और व्यावहारिक जीवन में सफलता मिलती है।
  • गायत्री मंत्र का जाप एक व्यक्ति की सामाजिक और आध्यात्मिक प्रगति में मदद करता है और उसे नेतृत्व की भूमिका निभाने में सक्षम बनाता है।
  • नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति का विवेक विकसित होता है, जो उसे मोक्ष की ओर ले जाता है। 

गायत्री मंत्र जाप विधि


  • Gayatri Mantra को हर समय जाप करना चाहिए। यह मंत्र आपको शक्ति देने के साथ-साथ पूरी दुनिया को भी लाभ देता है।
  • गायत्री मंत्र को तीन समय जाप करना अधिक प्रभावी होता है।
  • ध्यान रहे कि इसे कभी भी ऊंची आवाज में नहीं जापना चाहिए।
  • गायत्री मंत्र जाप करते समय हमेशा मौन रहना चाहिए। रुद्राक्ष की माला इसके लिए बेहतर होगी। यह मंत्र बहुत शक्तिशाली है।
  • सूर्योदय से थोड़ा पहले से सूर्योदय के बाद तक इसे करें, तो आपको जल्दी फल मिलेगा।

ध्यान दें:

  • गायत्री मंत्र का जाप करते समय किसी भी प्रकार की अंधविश्वास या पाखंड से बचना चाहिए।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप श्रद्धा और विश्वास के साथ मंत्र का जाप करें।

मुझे उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी!


FAQ

1. गायत्री मंत्र क्या है?

गायत्री मंत्र, जिसे वेद माता भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र और शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। यह ऋग्वेद से लिया गया है और देवी गायत्री की आराधना में प्रयुक्त होता है।

2. गायत्री मंत्र का क्या अर्थ है?

गायत्री मंत्र का अर्थ इस प्रकार है:
– ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक तत् – यह (ब्रह्मांडीय ऊर्जा) सवितुर् – सूर्य देव, जो ज्ञान और प्रेरणा के प्रतीक हैं वरेण्यं – पूजनीय भर्गो – दिव्य प्रकाश देवस्य – देवता धिमहि – हम ध्यान करते हैं धियो – बुद्धि यो – जो नः – हमारी प्रचोदयात – प्रेरित करे

3. गायत्री मंत्र का जाप कैसे करें?

गायत्री मंत्र का जाप शुद्ध मन और श्रद्धा से करना चाहिए। आप इसका जाप माला से कर सकते हैं, या फिर मन ही मन में भी कर सकते हैं। जाप करते समय ध्यान मुद्रा में बैठना अच्छा होता है।

4. गायत्री मंत्र के क्या लाभ हैं?

गायत्री मंत्र के अनेक लाभ बताए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:
ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि
स्मरण शक्ति मजबूत होना
मन की शांति और एकाग्रता
पापों और नकारात्मक विचारों से मुक्ति
भौतिक और आध्यात्मिक समृद्धि
कष्टों और बाधाओं से रक्षा
मोक्ष की प्राप्ति

5. क्या कोई भी गायत्री मंत्र का जाप कर सकता है?

हाँ, कोई भी व्यक्ति गायत्री मंत्र का जाप कर सकता है। जाति, धर्म, या लिंग का कोई बंधन नहीं है।

6. गायत्री मंत्र का जाप करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

गायत्री मंत्र का जाप आप किसी भी समय कर सकते हैं। लेकिन, सुबह और शाम का समय जाप के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

7. क्या गायत्री मंत्र का जाप करते समय कोई विशेष नियम हैं?

हाँ, गायत्री मंत्र का जाप करते समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए:
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
एक शांत और पवित्र स्थान पर बैठें।
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
माला से जाप करते समय माला को दाहिने हाथ में रखें।
मंत्रों का उच्चारण स्पष्ट और धीमी गति से करें।
जाप करते समय मन को शांत रखें और एकाग्र रहें।

8. क्या गायत्री मंत्र का जाप करते समय किसी गुरु या दीक्षा की आवश्यकता होती है?

नहीं, गायत्री मंत्र का जाप करने के लिए किसी गुरु या दीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। आप स्वयं ही इसका जाप कर सकते हैं। लेकिन, यदि आप किसी गुरु से दीक्षा लेना चाहते हैं, तो आप किसी भी विद्वान ब्राह्मण या गुरु से संपर्क कर सकते हैं।

9. क्या गायत्री मंत्र का जाप करने से तुरंत फल मिलता है?

यह आपकी श्रद्धा और विश्वास पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को तुरंत फल मिलते हैं, जबकि कुछ लोगों को थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन, नियमित रूप से और श्रद्धा से जाप करने से निश्चित रूप से लाभ मिलते हैं।

1. गायत्री मंत्र का इतना महत्व क्यों है?

गायत्री मंत्र को वेदों की जननी माना जाता है। वेद, हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं, और गायत्री मंत्र उनका सार माना जाता है। माना जाता है कि इस मंत्र में ब्रह्मांड की सारी शक्तियां समाहित हैं।

11. क्या गायत्री मंत्र का वैज्ञानिक महत्व भी है?

कुछ अध्ययनों से संकेत मिलता है कि गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है, तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। ये लाभ शायद मंत्र के उच्चारण से उत्पन्न होने वाले विशिष्ट ध्वनियों के कारण हो सकते हैं।

12. क्या गायत्री मंत्र सिर्फ हिंदू ही जप सकते हैं?

गायत्री मंत्र का जाप किसी भी धर्म या संस्कृति का व्यक्ति कर सकता है। यह एक सार्वभौमिक मंत्र है जो सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक विकास को बढ़ावा देता है।

13. गायत्री मंत्र का जाप करने के अलावा मैं और क्या कर सकता हूँ?

गायत्री मंत्र के जाप के साथ-साथ आप अपने जीवन में सदाचार, दया और सत्यनिष्ठा का पालन भी कर सकते हैं। गायत्री मंत्र का अर्थ ही यही सिखाता है – ज्ञान प्राप्त करना और सत्य के मार्ग पर चलना।

14. क्या बच्चे भी गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं?

बिल्कुल! गायत्री मंत्र बच्चों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इससे उनकी एकाग्रता बढ़ती है और संस्कार का विकास होता है। आप अपने बच्चों को सरल तरीके से मंत्र का अर्थ समझा सकते हैं।

15. गायत्री मंत्र का जाप करते समय अगर मेरा उच्चारण सही न हो तो क्या होगा?

इरादे और श्रद्धा ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, सही उच्चारण का भी अपना महत्व है। यदि आप अपना उच्चारण सुधारना चाहते हैं, तो आप किसी विद्वान या किसी ऑनलाइन संसाधन की मदद ले सकते हैं।

16. क्या गायत्री मंत्र का जाप करते समय ओम को भी जपना ज़रूरी है?

जी हाँ, ओम का उच्चारण करना ज़रूरी है। ओम ब्रह्मांड की पवित्र ध्वनि मानी जाती है और यह गायत्री मंत्र की शुरुआत में आता है।

17. गायत्री मंत्र का जाप करते समय क्या मैं संगीत भी बजा सकता/सकती हूँ?

यह पूरी तरह से आपकी पसंद पर निर्भर करता है। आप शांत वातावरण में जाप कर सकते हैं या फिर शांत भक्ति संगीत बजा सकते हैं।

18. क्या गायत्री मंत्र का कोई मंत्र है जिसका जाप मैं कर सकूं?

गायत्री मंत्र के कई रूप हैं। उदाहरण के लिए, आप “ॐ भुर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्” का जाप कर सकते हैं।

19. गायत्री मंत्र के बारे में और जानने के लिए मैं और क्या कर सकता/सकती हूँ?

आप गायत्री मंत्र पर लिखी गई पुस्तकों को पढ़ सकते हैं, ऑनलाइन संसाधनों को देख सकते हैं या फिर किसी योग या ध्यान केंद्र में जाकर वहां के गुरुओं से बात कर सकते हैं।

20. क्या गायत्री मंत्र का जाप करते समय कोई विशेष माला का इस्तेमाल करना ज़रूरी है?

नहीं, गायत्री मंत्र का जाप करते समय किसी विशेष माला का इस्तेमाल करना ज़रूरी नहीं है। आप अपनी पसंद की किसी भी माला का इस्तेमाल कर सकते हैं।
लेकिन, कुछ मालाएं गायत्री मंत्र के जाप के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:
रुद्राक्ष माला: रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है और यह ज्ञान, शांति और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने वाला माना जाता है।
मोती की माला: मोती को शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
चंदन की माला: चंदन को शीतलता और एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है।
कमलगट्टे की माला: कमलगट्टे को लक्ष्मी जी का प्रतीक माना जाता है और यह धन, समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करने वाला माना जाता है।
आप अपनी रुचि और सुविधानुसार इनमें से किसी भी माला का चुनाव कर सकते हैं।
यहाँ कुछ अतिरिक्त बातें हैं जिनका ध्यान रखना चाहिए:
माला 108 मोतियों या 108 गुड़ियों की होनी चाहिए।
माला साफ और स्वच्छ होनी चाहिए।
माला का इस्तेमाल करते समय आपको शांत और एकाग्र रहना चाहिए।